बिना APS के भारतीय स्टूडेंट जर्मन स्टूडेंट वीज़ा के लिए अप्लाई नहीं कर सकता। यह गाइड आपको APS की पूरी प्रक्रिया हिंदी में समझाती है — ताकि आप महीनों की देरी से बच सकें।
APS (Akademische Prüfstelle) जर्मन एम्बेसी से जुड़ी एक संस्था है जो भारतीय स्टूडेंट्स के academic documents की सत्यता जाँचती है। APS सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही आप जर्मन स्टूडेंट वीज़ा के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ज़्यादातर यूनिवर्सिटी आवेदनों में भी यह माँगा जाता है।
वेरिफिकेशन में आम तौर पर कई हफ्ते लगते हैं, और पीक सीज़न में ज़्यादा भी लग सकते हैं। सबसे बड़ी गलती है APS को आखिरी समय पर छोड़ना — intake miss होने की सबसे आम वजह यही है। हम अपने स्टूडेंट्स का APS सबसे पहले शुरू करवाते हैं।
Manna Educare में हम आपकी APS फाइल डॉक्यूमेंट-दर-डॉक्यूमेंट जाँच कर जमा करवाते हैं — पहली बार में सही।
हर स्टूडेंट का केस अलग होता है। 2 मिनट का फ्री स्मार्ट असेसमेंट भरिए — Dr Chathyushya (PhD, ICMR-NIN) की टीम आपको ईमानदारी से बताएगी कि आपके लिए कौन-सा देश, कौन-सी यूनिवर्सिटी और कौन-सा रास्ता सही है। कोई झूठे वादे नहीं।
फ्री असेसमेंट भरें →जर्मनी में पढ़ने जाने वाले लगभग सभी भारतीय स्टूडेंट्स के लिए APS अनिवार्य है — बिना APS सर्टिफिकेट के स्टूडेंट वीज़ा आवेदन स्वीकार नहीं होता।
आम तौर पर कई हफ्ते — पीक सीज़न में ज़्यादा। इसीलिए हम APS को प्रक्रिया का पहला कदम बनाते हैं, आखिरी नहीं।
नाम की स्पेलिंग, मिसिंग मार्कशीट जैसी दिक्कतें पहले ठीक करवाना ज़रूरी है। फ्री असेसमेंट में हम आपकी फाइल जाँच कर बता देते हैं कि क्या-क्या ठीक करना है।
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